horoscope of jackie shroff

Due to Stars he is Star – Jackie Shroff

Jackie Shroff is a well known serious actor. He has superb acting skills, dedication and patience. He is very smart and has extremely attractive personality which is mainly due to the effect of Mars in self house in ascendant of his horoscope. This Mars is at 8 degree in self house and is situated with its full power in ascendant.  Mars has big contribution in the popularity of Jackie Shroff has gained but there is equally important role of other planets as well in the success he has accomplished.

Turning Point of his Life

Initially he had to struggle a lot in his life and he tasted first success in year 1982 starting of Jupiter Mahadasha Saturn Antrdasha. His life took a new turn in Jupiter Mahadasha and Mercury’s Antardasha which is a house interchange yog (परिवर्तन योग) of two planets. I have discussed about this yog earlier as well and this yog is considered extremely powerful and influential in comparison to other yogs.

House Interchange of two planets (Parivartan Yog)

In this yog one planet changes its house with any other planet.  Hence, when the time of parivartan yog came in his life he achieved success from everywhere and he got biggest success in terms of blockbuster movie HERO after which he never turned back.

His personality and skills got improved during Jupiter Mahadasha which is a well known trait of Jupiter. At the end of Jupiter Mahadasha in 1992 he again got high recognition for his role in the film Gardish. In 1994, he also received award of best supporting actor for his role in film khalnayak which he received during Saturn Mahadasha and Saturn Antrdasha. This was time of Saturn in his life. This proves that in horoscope when there is aspect of a planet on its own zodiac sign (Saturn aspect on Capricorn) in tenth house the situation becomes extremely beneficial. Moreover this is a fact that when a planet looks at its own zodiac sign then it adds luck to the person and the same thing happened with Jackie Shroff in his Saturn Mahadasha and Saturn Antrdasha.

Self house aspect of Planets

Self house aspect of planets in astrology

In 1996, he again got award and this success has come during Mercury Antrdasha. One very important aspect visible in Jackie Shroff’s horoscope is that most of the planets in his horoscope look at their own place. For example: Mars aspect at scorpion zodiac in eighth house, Saturn from eighth house at Capricorn in tenth house and Mercury aspect from ninth house to third house which is house of success and Jupiter aspect from sixth house to twelfth house.

The period between 1990 to 2000 can be termed as golden period in Jackie Shroff’s life and during Saturn Mahadasha he has received tremendous respect in the society.

Jackie Shroff has witnesses long period of success which continues till date. Currently there is Mahadasha of Mercury in his horoscope. The respect, success and skills Jackie Shroff possesses is extremely rare and the patience and mind which were required to reach at the current heights were provided by the Mercury and Mars in his horoscope.

Conclusion

The conclusion is everyone should learn from his life. Keeping planets and luck aside, couple of other things which are very important for being successful in life are patience and self-motivation.

 

Hindi Translation

जैकी श्रॉफ एक बहुत ही संजीदा अभिनेता के रूप में पहचाने जाते हैं प्रतिभा लगन धैर्य और हुनर की कोई कमी नहीं है देखने में आकर्षक और सुंदर दिखते हैं तो इसके पीछे इनकी कुंडली के लग्न में स्थित स्वराशि के मंगल का प्रभाव है जो कि 8 डिग्री का है और अपनी पूरी शक्ति के साथ लग्न में विराजमान है जैकी श्रॉफ को जो पहचान मिली है उसमें इस मंगल का बहुत बड़ा हाथ है परंतु फिल्मों में जो कार्य इन्होंने किया है जो सफलता इन्होंने प्राप्त की है उस में अन्य ग्रहों का भी असर देखने को मिलता है

शुरुआत के दिनों में इन्हें संघर्ष करना पड़ा और लंबे इंतजार के बाद साल 1982 मैं इन्हें सफलता मिली इससे पहले राहु की महादशा के दौरान उन्होंने काफी संघर्ष किया परंतु बृहस्पति की दशा शुरू होने के पश्चात जब शनि का अंतर समाप्त हुआ तब इनकी जिंदगी ने एक नया मोड़ लिया और यह समय था वृहस्पति और गुरु के योग का जो परिवर्तन योग के रूप में इनकी कुंडली में उपस्थित है परिवर्तन योग का चित्र मैंने पहले भी कई बार किया है यह अन्य योग की तुलना में अधिक प्रभावशाली माना जाता है जिसमें एक ग्रह दूसरे ग्रह के साथ स्थान परिवर्तन करता है तो इस परिवर्तन योग का समय इनके जीवन में जब आया तो इन्हें जम्मू और सफलता मिली पहली सफलता फिल्म हीरो के रूप में मिली
उसके पश्चात इन्होंने मुड़कर नहीं देखा
गुरु की महादशा ने इनके व्यक्तित्व को निखारा जैसा की बृहस्पति की दशा में होता है व्यक्ति हुनर प्राप्त करता है तो बृहसपति की दशा में इनका काम निखरता चला गया और 1992 मैं जब बृहस्पति की दशा खत्म हुई फिल्म गर्दिश मैं इनके काम को बहुत सराहा गया और इसी के चलते साल 1994 में इन्हें फिल्म khalnayak के लिए अवार्ड मिला यह सम्मान जैकी श्रॉफ को शनि की महादशा और शनि की अंतर्दशा के दौरान मिला इससे सिद्ध होता है कि इन की जन्म कुंडली में शनि की दृष्टि जो दसवें घर पर अपनी मकर राशि पर पड़ती है वह कितनी शुभ है तथ्य यह है कि जब कोई ग्रह अपनी ही राशि पर दृष्टि रखता है तो वहां शुभ फल में वृद्धि करता है और ऐसा ही हुआ जैकी श्रॉफ की शनि की महादशा और अंतर्दशा के दौरान
यहां फिर से बुध की अंतर्दशा आती है साल 1996 में और उन्हें फिर से अवार्ड मिलता है यहां से समझा जा सकता है कि कि बुद्ध के समय में उन्होंने सफलता प्राप्त की है एक और गौर करने वाली बात जैकी श्रॉफ की कुंडली में मिलती है कि अधिकांश ग्रह अपनी ही राशि पर दृष्टि रखते हैं जैसे मंगल लग्न से आठवें घर में स्थित वृश्चिक राशि पर दृष्टिपात करता है शनि आठवें घर से दसवें घर को देखता है जहां शनि की अपनी राशि मकर है इसके साथ ही बुध नौवें घर से तीसरे घर को देखता है जो सफलता का सूचक है बृहस्पति छठे घर से 12 घर को देखता है
साल 1990 से साल 2000 के बीच का समय उनके जीवन का स्वर्ण काल कहा जा सकता है शनि के समय में जैकी श्राफ को बेहद सम्मान मिला
यह सफलता का दौर लंबा चला और वर्तमान में भी कायम है वर्तमान में जैकी श्रॉफ की बुध की महादशा चल रही है बुद्ध कुंडली के नौवें घर में स्थित है जो भाग्य प्रतिभा हुनर और सम्मान जैकी श्राफ को प्राप्त है वह अत्यंत दुर्लभ है और उस मुकाम तक पहुंचने के लिए जैकी श्रॉफ को जिस उत्साह धैर्य और बुद्धि की आवश्यकता पड़ी वह ईश्वर ने उन्हें नौवें घर के बुद्ध के रूप में और लग्न के सुहाग रही मंगल के रूप में प्रदान की है
निष्कर्ष यही है कि लोगों को उनके जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए ग्रह गोचर सब अपनी जगह है जीवन में उत्साह और धैर्य का होना भी अति आवश्यक है